AI की जानकारी से परिचित हुए विद्यार्थी
कार्यक्रम के दौरान डॉ. सुरेश वर्मा ने विद्यार्थियों को सरल एवं रोचक तरीके से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता समझाई। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक आज शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान और अनुसंधान सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। विद्यार्थियों को बदलती तकनीक के प्रति जागरूक रहते हुए विज्ञान, गणित और कंप्यूटर जैसे विषयों में रुचि विकसित करनी चाहिए। उन्होंने तकनीक के सकारात्मक एवं जिम्मेदार उपयोग पर भी जोर दिया। कक्षा में सीधे बच्चों के साथ संवाद कर उन्हें पढ़ाने की इस पहल से विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रश्नोत्तरी में परखी प्रतिभा, सही जवाब देने वाले बच्चे पुरस्कृत
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण संवादात्मक प्रश्नोत्तरी रही। डॉ. वर्मा ने विद्यार्थियों से सामान्य ज्ञान, शिक्षा और तकनीक से संबंधित प्रश्न पूछे। बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रश्नों के उत्तर दिए। सही जवाब देने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। डॉ. वर्मा ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें निरंतर सीखने, जिज्ञासु बने रहने तथा आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने के लिए प्रेरित किया। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों में सीखने की रुचि और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रोत्साहित किया। बड़े सपने देखें और उन्हें साकार करने के लिए मेहनत करें
डॉ. सुरेश वर्मा ने विद्यार्थियों को डॉक्टर, प्रशासनिक अधिकारी, वैज्ञानिक, इंजीनियर एवं अन्य प्रतिष्ठित पदों पर पहुंचने के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, अनुशासन, समय का सदुपयोग, कठिन परिश्रम और सकारात्मक सोच सफलता के प्रमुख आधार हैं। विद्यार्थियों को अपनी रुचि एवं क्षमता पहचानकर भविष्य की दिशा तय करनी चाहिए और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञानवान, संस्कारवान, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनना भी है। बच्चों को अपने माता-पिता एवं शिक्षकों का सम्मान करने, दूसरों की सहायता करने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने का संदेश भी दिया। राष्ट्रीय महत्व के आयोजनों में निभा चुके हैं जिम्मेदारी
उल्लेखनीय है कि डॉ. सुरेश वर्मा गृह मंत्रालय, भारत सरकार के पुलिस अधिकारी एवं डिप्टी कमांडेंट हैं। वे BRICS 2026 सहित विभिन्न महत्वपूर्ण आयोजनों एवं चुनावों में सुरक्षा अधिकारी के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। उनका अनुभव और मार्गदर्शन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक रहा। संवाद के दौरान बच्चों को अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता जैसे जीवन-मूल्यों को समझने का अवसर मिला। विद्यालय प्रबंधन ने किया स्वागत
विद्यालय आगमन पर डॉ. सुरेश वर्मा का स्वागत विद्यालय परिवार की ओर से किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक श्री दीनदयाल प्रसाद, प्रभारी प्राचार्य श्री अशोक वर्मा तथा अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। विद्यालय के निदेशक श्री दीनदयाल प्रसाद ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक, व्यावहारिक ज्ञान और करियर संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करना समय की आवश्यकता है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उनमें आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रभारी प्राचार्य श्री अशोक वर्मा ने भी ‘रूबरू’ संवाद श्रृंखला को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया। ‘रूबरू’ : प्रेरणा, ज्ञान और उज्ज्वल भविष्य की पहल
‘रूबरू : प्रेरक व्यक्तित्व से संवाद’ नमन इंटरनेशनल स्कूल की एक विशेष पहल है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी एवं प्रेरणादायक व्यक्तित्वों से सीधे संवाद करने, उनके अनुभवों से सीखने और अपने भविष्य के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। विद्यालय का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता, नैतिक मूल्यों, आत्मविश्वास और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। विद्यालय परिवार का विश्वास है कि ऐसे संवाद विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।